Bihar Political Crisis : बिहार की राजनीति में शह-मात का खेल चल रहा है। आरजेडी और जेडीयू में कौन बाजी मारेगा? इस पर सबकी नजर बनी हुई है।
Bihar Political Crisis : बिहार की राजनीति में अभी भी सस्पेंस बरकरार है। सीएम नीतीश कुमार फिर पाला बदल सकते हैं, लेकिन इस बार ऐसा करना उनपर ही भारी न पड़ जाए। अगर नीतीश कुमार एनडीए के साथ मिलकर अपना दांव चल रहे हैं तो वहीं लालू प्रसाद यादव भी कम नहीं हैं। नीतीश कुमार से तेजस्वी यादव ने भी दूरी बना ली है। आइए समझते हैं कि बिहार में कैसे महागठबंधन के सहारे आरजेडी की सरकार बन सकती हैं।
बिहार में इंडिया गठबंधन का साथ छोड़कर नीतीश कुमार फिर बीजेपी के साथ जा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो नीतीश कुमार इस्तीफा देकर फिर सीएम पद की शपथ लेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार तेजस्वी यादव भी कोई बड़ा दांव चलने वाले हैं, जिससे नीतीश चित्त हो जाएंगे। आरजेडी भी सरकार बनाने की कवायद में जुट गई है।
ऐसे सीएम बन सकते हैं तेजस्वी यादव
बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं और किसी भी पार्टी को बहुमत के लिए 122 विधायक चाहिए। राज्य की सबसे बड़ी पार्टी आरजेडी है और उनके पास 79 विधायक हैं। अगर आरजेडी के साथ इंडिया गठबंधन भी आ जाए तो कांग्रेस के 19 और लेफ्ट के 16 विधायक के साथ कुल संख्या 114 हो जाएगी। अब तेजस्वी यादव को बहुमत के लिए सिर्फ 8 विधायक चाहिए।
कैसे 8 विधायकों को अपने पाले में लाएगी RJD
अगर जीतन राम मांझी के भी 4 विधायक इंडिया गठबंधन में शामिल हो जाएं तो आरजेडी बहुमत के आंकड़े के पास पहुंच जाएगी और कुल 118 विधायक हो जाएंगे। साथ ही ओवैसी के भी एक विधायक ने समर्थन दे दिया तो आंकड़ा 119 हो जाएगा। अब सिर्फ बहुमत के लिए 3 विधायक चाहिए। अब तेजस्वी यादव के पास एक ही रास्ता बचा है कि वे जेडीयू के नाराज विधायकों को अपने पाले में कर लें। अगर वे इसमें कामयाब हुए तो तेजस्वी यादव बिहार के अगले सीएम बन सकते हैं।